धारा 370 पर अमेरिका का बयान आ गया है और ये पाकिस्तान को डराने वाला है

2575

सोमवार को केंद्र मंत्री अमित शाह ने अनुच्छेद 370 को हटाने का फैसला सुनाया और उसके बाद देशभर में इसकी चर्चा हो रही है। देश के लोग सरकार के इस फैसले से काफी ख़ुश है वही जम्मू-कश्मीर के कुछ स्थानीय लोग इसके खिलाफ भी हैं। आपको बता दें कि सरकार के अनुच्छेद 370 ख़त्म करने और जम्मू-कश्मीर को दो केंद्रशासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में विभाजित करने के फैसले पर दुनिया के बहुत से देश शांत हैं लेकिन ऐसे में अमेरिका ने आखिरकार अपना बयान जारी किया है. न्यूज़18 की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका का कहना है कि भारत द्वारा अनुच्छेद 370 हटाने के बाद अमेरिका जम्मू-कश्मीर के घटनाक्रम पर लगातार नज़र बनाये हुए है। साथ ही अमेरिका के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मॉर्गन ओर्टागस ने नियंत्रण रेखा मतलब LOC पर शांति और स्थिरता बनाये रखने की अपील भी की है. हालाँकि अमेरिका ने अपने पूरे बयान में पकिस्तान का नाम तक नहीं लिया है.

us reaction on kashmir dhara 370

अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मॉर्गन ने यह भी बताया है कि भारत ने जम्मू-कश्मीर से सम्बंधित लिए गए फैसले को पूरी तरह से निजी मामला बताया है। मॉर्गन ओर्टागस ने ये भी कहा है कि वो जम्मू-कश्मीर की ख़बरों को लेकर चिंतित हैं। हालाँकि उन्होंने जम्मू- कश्मीर के मानवाधिकारों के उल्लंघन पर चिंता भी जताई है।

आपको बता दें कि इस से पहले अनुच्छेद 370 के ख़त्म करने पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान का भी बयान आया था जिसमे उन्होंने भारत सरकार द्वारा लिए गए फैसले की निंदा की है. उनका कहना है कि यह फैसला गैरकानूनी है और यूएन के प्रस्ताव के खिलाफ है। दैनिक भास्कर की खबर के अनुसार इमरान खान का कहना है कि यह फैसला दो परमाणु पडोसी देशों के बीच रिश्तो को और भी ख़राब कर सकता है। साथ ही पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने इस मुद्दे को अमेरिका तक ले जाने की भी बात की है।

the panchayat

1 COMMENT

  1. […] अनुच्छेद 370 को हटाने के बाद पाकिस्तान ने कई कोशिशे की है जिस से वो भारत के फैसले को बदल सके लेकिन मोदी सरकार इस बार पाकिस्तान की बात सुनने को राज़ी नहीं है। ऐसे में पकिस्तान को शिमला समझौते की याद आ गयी। लेकिन आज चर्चा का विषय ये नहीं है कि पाकिस्तान 370 को हटाने की जवाबी कार्रवाई में क्या कर रहा है, चर्चा का विषय ये है कि आखिर ये शिमला समझौता है क्या ? और इसमें कोनसे बाते और नियम शामिल है। […]

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here