घाटी के तनावपूर्ण माहौल में तारीफ के काबिल हैं ये दो महिला अधिकारी

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जम्मू-कश्मीर में 5 अगस्त से कर्फ्यू लगा हुआ है। सभी स्थानीय लोग घरों बंद हो कर रह गए हैं और इंटरनेट सहित संचार के सभी साधनों की सुविधा को बंद कर दिया गया है। सरकार ने ऐसा क्यों किया है ये तो आपको पता ही होगा। और अगर याद नहीं है तो हम याद दिला देते हैं कि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाने के बाद किसी भी प्रकार के दंगे और हिंसक गतिविधियों से बचने के लिए सरकार ने ये फैसला लिया है। घाटी में माहौल को शांत बनाये रखने के लिए सरकार ने सुरक्षाबलों की सैकड़ो टुकड़ियों को तैनात किया है लेकिन कुछ लोग सरकार के इस फैसले का विरोध भी कर रहे हैं। ऐसे समय में कश्मीर में तैनात सुरक्षा बलों की दो महिलाओं की काफी तारीफ सुन ने को मिल रही है। आईएएस अधिकारी डॉक्टर सैयद सहरीश असगर और आईपीएस अधिकारी पीडी नित्य को घाटी में लोगों की मदद के लिए तैनात किया गया है। असगर को जम्मू-कश्मीर प्रशासन में सूचना निदेशक के रूप में ड्यूटी पर लगाया गया है। आमतौर पर उनका काम लोगों तक सरकरी योजनाओं की सूचना देना होता है लेकिन फ़िलहाल उनका काम क्राइसिस मैनेजमेंट का है और वे पिछले आठ दिनों से लोगों की मदद कर रही हैं।

वहीँ पीडी नित्य 2016 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं जिन्हे राम मुंशी बाग़ और हनव दागजी गाँव के क्षेत्रों को देखने की है। आपको बता दें कि 40 किलोमीटर के इस इलाके में डल झील, राज्यपाल का आवास सहित वो बिल्डिगें शामिल हैं जहां वीआईपी लोगों को हिरासत में रखा हुआ है। नित्य छत्तीसगढ़ की रहने वाली हैं और उनका कहना है कि क्षेत्र एक शांतिपूर्ण इलाका है और जम्मू-कश्मीर से बिलकुल अलग है। लेकिन उन्हें चुनौतियाँ पसंद है इसलिए उन्हें कश्मीर में काम करने में कोई भी कठिनाई नहीं हो रही है। असगर के पास एमबीबीएस की डिग्री है और उन्होंने जम्मू में में प्रैक्टिस भी की हुई है लेकिन उन्होंने आईपीएस की परीक्षा दी और आईपीएस अधिकारी बन गयी। फ़िलहाल वे कश्मीर के लोगों का ध्यान रख रही है और उनकी उचित ज़रूरतों को पूरा कर रही है। वो चाहती हैं कि महिलाये समाज में बदलाव लाने में मदद करेंगी तो उन्हें बेहद ख़ुशी होगी।

दोनों महिला अधिकारीयों का कहना है कि उन्हें कई बार लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ता है। लेकिन उन्हें पता है कि ये समय हर कदम को समझदारी से उठाने का है और इसलिए वे अपने कार्य को पूरी सूझ बूझ से करती हैं। जम्मू-कश्मीर के तनावपूर्ण माहौल के दौरान इन दो महिलाओ की अच्छी खबर ने कश्मीर के स्थानीय लोग जो कश्मीर से दूर रहते हैं उन्हें चैन की सांस लेने का मौका दिया है। फिलहाल ये दो महिलाएं सोशल मीडिया पर छाई हुई है और लोगों की वाह-वाही हकदार बनी हुई हैं।

the panchayat

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