देश का ये नया कानून कर रहा है नागरिकों को काफी परेशान

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new motor vehicle act

देश में 1 सितंबर से नया मोटर व्हीकल एक्ट(New Motor Vehicle Act) लागू हो गया था, लेकिन कई राज्यों में इसे लागू नहीं किया तो कुछ राज्यो में चालान(Challan) काटने की दर को कम करके चालान काटने का आदेश दिया. जुर्माने की ऊंची दरों को लेकर राज्यों में एक विद्रोह सा उठने लग गया था. अब तक किसी भी राज्य ने केंद्र सरकार के प्रावधानों को हुबहू लागू करने का कोई नोटिफिकेशन(Notification) नहीं जारी किया. आइये आज जानते है केंद्र के द्वारा लिए गए इस फैसले को कौनसी राज्य सरकार पालन कर रही है.

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नियम तोड़ने वालों को रोकते हुये ट्रैफिक पुलिस / फ़ोटो : autocar

खास बात ये है कि जहां बीजेपी की सरकार है वहां भी कुछ राज्यों ने नए चालान दर को लागू करने से इनकार कर दिया है. गुजरात में सरकार ने नए दर को कम करके चालान काटने के आदेश दिये है वही महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़णवीस ने दरो को कम करने के लिए केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को एक चिट्ठी लिख कर भेजी है. तो परिवहन मंत्री ने कह दिया कि राज्य अपने हिसाब से फैसला ले. उत्तराखंड ने केंद्र की ओर से जारी दरो को आधी करके चालान काटने का फैसला लिया.

कौन-कौन से राज्य में केंद्र सरकार का नया कानून लागू और कौन से में नहीं

उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, झारखंड, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश जैसे बीजेपी शासित राज्यों ने केंद्र सरकार की नई जुर्माना दरों को लेकर कोई अधिसूचना(Notification) जारी नहीं की है. मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकारों ने भी अब तक नई दरों पर कुछ नहीं बोला है. जबकि दिल्ली, तेलंगाना, केरल, केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी आदि राज्यों ने केंद्र सरकार की नई दरों पर फैसला लेने की बात कही है. लेकिन दिल्ली, हरियाणा में राज्य सरकार की अधिसूचना के बगैर नए रेट पर ट्रैफिक पुलिस चालान काट भी रही है और मामला सीधे कोर्ट में जा रहा है. मध्य प्रदेश के परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत का कहना है कि कमेटी नए एक्ट की जुर्माना दरों का अध्ययन करने के बाद ही फैसला लेगी. वहीं, ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने भी नए रेट को अभी लागू नहीं करने का फैसला लिया है. हालांकि प्रदूषण सर्टिफिकेट आदि से जुड़ी जुर्माने की दरों में कुछ राहत दी गयी है.

केंद्र सरकार की नई दरें

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नए मोटर वाहन एक्ट की दरे / फ़ोटो : financialexpress

केंद्र सरकार की ओर से कुल 63 तरह के मामलों में जुर्माने की नई दरें तय की गईं हैं. यह व्यवस्था मोटर व्हीकल संशोधन एक्ट, 2019 में तय किया गया हैं. नई दरों के मुताबिक बिना पंजीकरण के टू व्हीलर(Two Wheeler) चलाते पहली बार पकड़े जाने पर पांच हजार और दूसरी बार दस हजार जुर्माना देना पड़ेगा. रॉन्ग साइड(Wrong Side) ड्राइविंग करने पर पहली बार पकड़े जाने पर पांच हजार और दूसरी बार पकड़े जाने पर दस हजार जुर्माना लगेगा. पहले ये जुर्माना एक हजार रुपये था. इसी तरह बिना हेलमेट के दो पहिया चलाने पर एक हजार रुपये देना पड़ेगा. पहले इसके लिए सौ रुपये देने पड़ते थे. बाइक पर तीन सवारी होने पर सौ की जगह एक हजार रुपये जुर्माने की व्यवस्था है. इसी तरह एंबुलेंस, अग्निशमन वाहनों को रास्ता न देने पर अब दस हजार जुर्माने की व्यवस्था है, जबकि पहले ये जुर्माना सिर्फ सौ रुपये था.

ट्रैफिक वाले असमंजस में

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ट्रैफिक पुलिस / फ़ोटो : thelogicalindian

नए कानून को लेकर ट्रैफिक पुलिस वाले कंफ्यूज(Confuse) है, क्योकि केंद्र ने जो दरे निर्धारित की है वो उनकी राज्य सरकार मान नहीं रही है. एक ही देश में चार-चार दरें चल रही है. एक तरफ गुजरात की, दूसरी तरफ उत्तराखंड की, तीसरी तरफ केंद्र की नई दरें और चौथी तरफ पुरानी दरों से चालान कट रहे है. जैसे अगर कोई बिना ड्राइविंग लाइसेंस(Driving License) पकड़ा जाता है तो नए दर के मुताबिक उसका पांच हजार रुपए का चालान कटेगा. लेकिन जिन राज्यों में नया एक्ट लागू नहीं है वहां पांच सौ ही लगेंगे.

उत्तराखंड सरकार ने सारी केंद्र की दरों को आधा कर दिया है. जैसे केंद्र ने लाइसेंस रद्द होने पर गाड़ी चलाने वाले व्यक्ति से दस हजार जुर्माना वसूलने की व्यवस्था की है, लेकिन उत्तराखंड में उसके लिए सिर्फ पांच हजार रुपये जुर्माना देगा होगा. वही बिना ड्राइविंग लाइसेंस के पकड़े जाने पर फ़ाइन(fine) पांच हजार की जगह पच्चीस सौ ही देने होंगे.

गुजरात की नई दर

वही गुजरात में केंद्र की दरों में काफी फेर बदल करके संशोधित दरें निकाली है.

अपराधकेंद्र सरकार की दरराज्य सरकार की दर
बिना हेलमेट1000500
बिना ड्राइविंग लाइसेंस50002000 से 3000
रोंग साइड50001500 से 4000
ओवर स्पीडिंग20001500
बिना प्रदूषण सर्टिफिकेट10,0003000

कानून के जानकारों का कहना है कि बगैर राज्यों की अधिसूचना के जुर्माना लेना अवैध है. सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता विराग गुप्ता के मुताबिक केंद्र और राज्य के बीच गतिरोध खड़ा होने से संवैधानिक संकट की स्थिति पैदा हो रही है. गाजियाबाद के सीओ, ट्रैफिक महिपाल सिंह का कहना है कि अभी लिखा-पढ़ी में शासन से कुछ नहीं आया है. ऐसे में पुराने रेट से ही जुर्माना वसूला जा रहा है. केंद्र और राज्यों के बीच जुर्माना रेट पर जारी गतिरोध से राज्यों की ट्रैफिक पुलिस कन्फ्यूज है.

the panchayat

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