दिल्ली में है एक ऐसा आशियाना, जिसे देखने आता है पूरा जमाना

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जहां एक ओर तंग गलियों से निकलने पर लोग झल्ला जाते है वही दूसरी ओर एक शख़्स ने तंग जमीन पर तीन मंज़िला इमारत खड़ी कर दी. मामला बड़ा ही दिलचस्प है, ध्यान से पूरी जानकारी पर अपनी पैनी नज़र रखिएगा.

delhi small home
तीन मंज़िला इमारत / फ़ोटो : amarujala

दिल्ली में एक मकान अपनी बनावट और जमीन को लेकर काफी चर्चा में है. उस मकान को देखने दूर-दूर से लोग आते है. बुराड़ी क्षेत्र के झाड़ौदा गांव की गली नंबर 62 में ये मकान है. अगर यहां आकर किसी को भी मकान का पता पूछ लेंगे तो फट से आपको रास्ता बता दिया जाएगा. केवल 6 गज की जमीन पर 3 मंज़िला इमारत बनाई गयी है और इस मकान में चार सदस्यों का एक परिवार भी रहता है.

इस मकान में पिंकी नाम की महिला अपने परिवार के साथ रहती है और महज़ 3500 रुपए का हर महीने किराया देती है. पिंकी के अनुसार हम करीब ढाई साल से इस मकान में रह रहे है. पहले लगता था कि कैसे तंग घर में रह रहे है लेकिन बाद में आदत पड़ गई. अब अच्छा लगता है कि हमारे इस मकान को पूरा दिल्ली जानता है और घर को देखने दूर-दूर से लोग भी आते है. एक दम वीआईपी वाली फिलिंग आती है. जो यहां तक आते है वो अपने कैमरे में मकान का क्लिक करे बिना नहीं रह पाते है. चलिये जानते है घर के बारे में.

तीन मंज़िला इमारत में क्या है?

घर में एंट्री गेट से अंदर जाते ही आपको सीढ़ियां और एक बाथरूम दिखाई देगा. ग्राउंड फ्लोर पर केवल यही एक बाथरूम ही है.

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बेडरूम / फ़ोटो : hindi.news18

सीढ़ियां चढ़ते ही बेडरूम में दाखिल हो जाते हैं, जहां सिंगल बेड है और साइड टेबल पर टीवी रखा है. इसके साथ ही यहां भी एक छोटा सा बाथरूम बना हुया है. ये सीन था फ़र्स्ट फ्लोर का, अब चलते है सेकंड फ्लोर की ओर.

किचन / फ़ोटो : hindi.news18

बेडरूम से सीढ़ियां ऊपर चढ़ती हैं तो ऊपर किचन और थोड़ी सी खुली जगह देखने को मिलती है. इससे ऊपर की मंजिल पर फिर टॉइलट और बाथरूम है, फिर छत पर पानी की टंकी रखी है.

अगर एक तरीके से देखा जाए तो पूरा घर केवल सीढ़ियों पर टिका है, जिसमें एक तरफ ही पांच खिड़कियां खुली है. घर इतना तंग होने के बावजूद भी अंदर दम नहीं घुटता है बल्कि घर पूरा हवादार है. पिंकी का कहना है कि मेहमानों को नीचे जमीन पर बैठना होता है क्योंकि 6 गज के मकान में एडजस्ट को करना ही पड़ता है. मकान के फर्श में अच्छा सा पत्थर लगाया हुया है.

घर के मालिक का क्या कहना है?

पवन कुमार उर्फ सोनू ने ये मकान चार साल पहले अरुण कुमार से खरीदा था. मकान की बनावट तिकोनी है. सोनू कहते है कि ढाई फुट का छज्जा दो रास्तों से निकला है, जिससे थोड़ी जगह बढ़ गई है. मकान अरुण कुमार ने खुद बनाया था, क्योंकि वो राजमिस्त्री हैं. मकान बेचकर अरुण कुमार अंडरग्राउंड हो गया. कहां हैं, किसी को कुछ नहीं पता. सोनू ही नहीं पड़ोस के लोगों ने भी आरोप लगाया कि अरुण कुमार पर लोगों का कर्जा हो गया था, जिसे वो कर्जा चुकाने में असमर्थ था तो अंडरग्राउंड जाना ही सही समझा. अरुण कुमार पेशे से ठेकेदार है.

मकान बेचने के सवाल पर सोनू कहते है कि उसके मकान की कीमत 14 लाख लगा दी गयी है लेकिन वो अपना मकान बेचना नहीं चाहते है. क्योंकि इसी मकान की वजह से बहुत सारे लोग देखने आते है. मकान का सुर्खियों मे आना मेरे मकान ना बेचने की वजह है.

ये 6 गज का मकान बताता है कि हम इतने से छोटे से मकान में भी अपनी जिंदगी निकाल सकते है और कारीगरों के लिए ये एक उदाहरण के रूप में लेना चाहिए.

the panchayat

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