अगर आप टीवी देखते और अखबार पढ़ते होंगे तो आपको बखूबी पता होगा कि केंद्र सरकार ने सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को विदेश दौरे पर भी एसपीजी जवानों को साथ ही ले जाने का आदेश दिया था.केंद्र की ओर से दिए गए नए दिशा-निर्देश में स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (एसपीजी) की सुरक्षा पाने वाले के लिए सरकारी दिशा-निर्देशों का पालन करना अनिवार्य बताया गया।

माना जा रहा है कि इस दिशा-निर्देश को नहीं माने जाने की सूरत में सुरक्षा के लिहाज से उनकी विदेश यात्रा भी रद्द कर दी जाएगी।  सूत्रों ने कहा कि एसपीजी सुरक्षा पाने वाले वीवीआईपी को सरकारी दिशा-निर्देशों का हर हाल में पालन करना होगा।  

अब सवाल ये है कि सरकार को ये आदेश क्यों जारी करना पड़ा,असल में सुरक्षा विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि किसी वीवीआईपी को एसपीजी सुरक्षा मिली है तो नियम के मुताबिक उसे सुरक्षा में लगे जवानों को अपने साथ रखना होता है,जहां वो जाते हैं अपने साथ लेकर जाना होता है लेकिन अपने विदेश दौरों पर अधिकांश वीवीआईपी एसपीजी जवानों को साथ नहीं ले जाते हैं जिससे उनकी सुरक्षा को लेकर ख़तरा बना रहता है तो अब इसको लेकर मोदी सरकार ने कड़ा कदम उठाया है और गांधी परिवार के तीन सदस्यों को भी साफ साफ शब्दों में कह दिया कि अगर आप विदेश जाएंगे तो आपके साथ एसपीजी जवान भी होंगे.लेकिन विपक्ष को इसमें केंद्र की कोई साजिश नज़र आ रही है इसलिए सरकार की इस बात पर कांग्रेस समेत तमाम विपक्ष बौखला गया. 

कांग्रेस के सबसे करीबी सहयोगियों में से एक राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) ने केंद्र द्वारा गांधी परिवार के सदस्यों के लिए एसपीजी की अनिवार्यता को ‘गोपनीयता पर उल्लंघन’ बताया है। उन्होंने कहा है कि यह फैसला ‘उन पर निगरानी रखने’ का प्रयास है। 

वहीं कांग्रेस की महाराष्ट्र में सहयोगी एनसीपी के नेता मजीद मेमन ने कहा कि इस तरह के कदम से गोपनीयता भंग होगी। उन्होंने कहा कि ये फैसला गांधी परिवार को सुरक्षा प्रदान करने के इरादे से नही बल्कि उन पर निगरानी रखने के इरादे से दिया गया मालूम पड़ता है,ये साफ तौर पे गांधी परिवार की निजता का उल्लंघन है। वो यही नही रुके बेहद आक्रामक अन्दाज में उन्होंने कहा कि ये एक तरह से आंदोलन की स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार का उल्लंघन भी है और इसे चुनौती दी जा सकती है।

कांग्रेस के कई नेता भी सामने आए और उन्होंने इसको सीधे सीधे गोपनीयता पर हमला बताया।  फिलहाल का आलम ये है कि विपक्ष की तरफ से कहा जा रहा है वो एसपीजी के नए दिशा निर्देशों का पालन ही नही करेगा जबकि केंद्र ने भी सख्त तेवर अपनाते हुए कह दिया है कि जो भी इसका पालन नही करेगा उसकी विदेश यात्रा को रद्द कर दिया जाएगा.

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