नेहरु जी को आज ही मिला था भारत – रत्न

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jawahrlal nehru bharat ratna

आज तारीख है 15 जुलाई. आज से ठीक 64 साल पहले यानि 15 जुलाई 1955 को, भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू जी को भारत का सबसे बड़ा नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से नवाजा गया था. और मजे की बात यह है कि भारत रत्न के लिए नेहरू जी का नाम राष्ट्रपति को खुद ने ही भेजा था. नियम के अनुसार, प्रधानमंत्री भारत रत्न के लिए राष्ट्रपति को कुछ नाम भेजते है. उसके बाद राष्ट्रपति उनमे से किसी को वो सम्मान देते है. जब नेहरू जी को ये सम्मान दिया गया तब नेहरू जी उस समय भारत के प्रधानमंत्री थे. फिर उन्हे ये सम्मान कैसे मिला? उसका जवाब आरटीआई के जरिये मिला कि उस समय के राष्ट्रपति रहे डॉo राजेन्द्र प्रसाद ने ही नेहरू जी का नाम चयन किया था. ऐसा वाक्या 1971 में भी हुया था. तब प्रधानमंत्री इन्दिरा गांधी थी और उन्हे भी भारत रत्न से नवाजा गया था.

jawaharlal nehru and indra gandhi got bharat ratna
जवाहर लाल नेहरु और इंदिरा गाँधी को प्रधानमंत्री पद पर रहते हुए ही भारत रत्न मिला था

#भारत रत्न

चलिये, मैं आपको भारत रत्न के बारे में कुछ जानकारियाँ दे देता हूँ, जिससे आपको भारत रत्न को समझने में देर ना लगे.

Bharat Ratna photo
Bharat Ratna photo

#डिज़ाइन

सबसे पहले यह एक 3मिमि गोलाकार सोने का मेडल हुया करता था. जिसके सामने सूर्य बना हुआ, ऊपर हिन्दी में भारत रत्न लिखा हुआ और नीचे फूलो की माला बनी हुई करती थी. पीछे की तरफ राष्ट्रीय चिन्ह और मोटो होता था। फिर इसका डिज़ाइन बदल कर तांबे के बने पीपल के पत्ते पर प्लेटिनम का चमकता सूर्य बना दिया गया। जिसके नीचे चाँदी में लिखा रहता है “भारत रत्न” और यह सफ़ेद फीते के साथ गले में पहना जाता है।

#फ़ैक्टस

  1. भारत रत्न देश का सबसे बड़ा सम्मान होता है, जिसे देश की सेवा, किसी भी क्षेत्र में करने के लिए दिया जाता है.
  2. 26 जनवरी के दिन ही भारत के राष्ट्रपति ये रत्न देते है.
  3. भारत रत्न देते वक्त किसी भी लिंग,भाषा,नस्ल,क्षेत्र या जाति पर गौर नहीं किया जाता है,लेकिन देखे तो अब तक दिये गए 45 रत्न में 40 रत्न पुरुषों को और केवल 5 महिलाओं को मिले है.
  4. पहले मरने के बाद ये सम्मान नहीं दिया जाता था लेकिन 1955 के बाद देना शुरू किया गया.
  5. भारत रत्न को नाम के साथ पदवी के रूप में इस्तेमाल नहीं कर सकते है.
  6. एक साल में ज़्यादा से ज़्यादा 3 व्यक्तियों को ही भारत रत्न से नवाज सकते है।
  7. पहली बार साल 1954 में सी राजगोपालाचारी, सर्वपल्ली राधाकृष्णन और सीवी रमन को भारत रत्न दिए गए.
  8. सुभाष चंद्र बोस की मृत्यु के बाद 1992 में भारत रत्न दिया गया था, लेकिन उनकी मौत के ऊपर सवाल खड़े किए जाने लगे तो उनसे पदक वापस ले लिया गया. यही पदक वापस लेना का एकमात्र उदाहरण है.
  9. इसके साथ कोई राशि नहीं दी जाती है. राष्ट्रपति के हस्ताक्षर वाला प्रमाण पत्र और पदक मिलता है.
  10. भारत के देशवासियों के अलावा ये रत्न 2 विदेशियों को भी दिया गया है. उनमें अब्दुल गफ्फार खान (1987) और नेल्सन मंडेला (1990) शामिल है.
  11. भारत के पहले शिक्षामंत्री श्री मौलाना अबुल कलाम आज़ाद ने भारत रत्न लेने से ये कहते हुये मना कर दिया कि जो खुद चयन समिति में है वो ये सम्मान कैसे ले सकता है? फिर उन्हे 1992 में मरणोपरांत दिया गया.
  12. 2019 में ये पदक श्री प्रणब मुखर्जी, श्री भूपेन हजारिका(मरणोपरांत) और श्री नानाजी देशमुख(मरणोपरांत) को दिये गए है.
the panchayat

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