सदन में कौनसा सांसद कौनसी सीट पर बैठेगा ये कैसे तय किया जाता है, जानिए

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how the Seating arrangement in the Lok Sabha
Photo : Lok Sabha

सदन का नाम सुनते ही दिमाग में केवल एक तस्वीर आती है. महाराजा की तरह एक दम केंद्र में माननीय स्पीकर और उनके अगल-बगल माननीय मंत्री एवं सांसद बैठे हुये होते है. लेकिन आपको पता है कौन कहाँ बैठेगा, कौनसी पार्टी के मंत्री किस तरफ बैठेंगे इन सब का निर्णय स्पीकर के पास होता है. इन सीट के आवंटन का एक नियम भी होता है. बिना कोई देरी किए आपको वो नियम कौनसा होता है इसकी जानकारी आपको दे देते है. भारत के लोक सभा में अधिकतम संख्या 552( 530 राज्यों से + 30 केंद्र शासित प्रदेशों से + 2 राष्ट्रपति द्वारा नामित ) निर्धारित की हुयी है. वर्तमान संसद में 545 सदस्य है.

लोक सभा में बैठने का नियम

फोटो : लोक सभा टीवी

लोक सभा सदन में 550 सदस्यों के बैठने की व्यवस्था है. सभी सीटों को छ: ब्लॉक में बांटा गया है. उन छ: ब्लॉक में 11 पंक्तियाँ है. ब्लॉक नंबर 1 जो कि स्पीकर के दायीं ओर होता है और ब्लॉक नंबर 6 जो कि स्पीकर के बायीं ओर होता है. इन दोनों ब्लॉक में 97-97 सीट होती है, बाकी के 4 ब्लॉक में 89-89 सीट होती है. लोक सभा के प्रत्येक सदस्य को एक सीट आवंटित होती है.

स्पीकर के दायी ओर रुलिङ्ग पार्टी के सदस्य और बायी ओर विपक्षी पार्टी के सदस्य बैठते है. लोक सभा का उप-सभापति बायी ओर की पहली पंक्ति वाली सीट पर बैठता है. स्पीकर के सामने एक बड़ी टेबल होती है जहाँ लोक सभा सचिवालय के कर्मचारी बैठते है जो पूरे दिन का हिसाब किताब लिखते रहते है.

सीट अलोटमेंट का फैसला कौन करता है?

लोक सभा में प्रक्रिया और संचालन (Rules of Procedure and Conduct of Business)के नियम 4 के अनुसार, लोक सभा सदस्य स्पीकर द्वारा तय किये गए नियम के अनुसार ही बैठेंगे. इस सम्बन्ध में स्पीकर को दिशा निर्देश, “अध्यक्ष द्वारा निर्देश” Direction 122(a) नामक क्लॉज़ में दिए गए हैं. यह क्लॉज़, स्पीकर को यह अधिकार देता है कि वह किसी पार्टी की लोक सभा में सीटों के आधार उनके बैठने की जगह तय करे.

सीट अलोटमेंट का फॉर्मूला

जिस पार्टी के पास 5 या उससे ज्यादा सीटें हैं उनके लिए एक फ़ॉर्मूले के आधार पर सीटों का बंटवारा किया जाता है। वो फॉर्मूला मैं आपको बताता हूँ.

हर पंक्ति में पार्टी की संख्या = पार्टी या गठबंधन के पास सीटों की संख्या x उस पंक्ति में कुल सीटो की संख्या / लोक सभा में कुल सीटों की संख्या

जाहिर सी बात है, आपको फॉर्मूला समझ नहीं आया होगा तो चलिये एक उदाहरण से फॉर्मूले को समझते है. पहली पंक्ति पर रुलिङ्ग पार्टी के कितने सदस्य बैठेंगे उसकी गणना करके आपको बता देते है. जैसा की मैंने बताया की सभी 6 ब्लॉक में पहली पंक्ति पर कुल 20 सीट है. 17वी लोकसभा में भाजपा के 303 सदस्य है और पूरे NDA के 356 सदस्य है यानि 356 x 20 / 550 करेंगे तो हमे 12.95 जैसा उत्तर मिलेगा. इसका मतलब यह हुया कि NDA पहली पंक्ति की 13 सीटो पर बैठेगी. इस फॉर्मूले से कांग्रेस पहली पंक्ति में केवल 2 सीट पर ही बैठेगी. और इसी तरह सारी पार्टियों को इस फॉर्मूले से अपनी सीट मिलती है.

अब सम्बंधित पार्टी, स्पीकर को बताती है कि उसका कौन सा सदस्य किस जगह पर बैठेगा. इस प्रकार लोक सभा स्पीकर की अनुमति के बाद सदस्य को सीट मिल जाती है. जिन पार्टियों के पास 5 से कम सदस्य होते हैं या जो इंडिपेंडेंट होते हैं उनके लिए सीटों का आवंटन लोक सभा स्पीकर अपने विवेकाधिकार यानि अपनी समझ के आधार पर करता है. कभी-कभी लोक सभा स्पीकर इसका फैसला किसी सदस्य की वरिष्ठता और सामाजिक सम्मान के आधार पर भी करता है. जैसे आपने देखा होगा कि मायावती, मुलायम सिंह और देवेगौडा को पहली पंक्ति में सीट दी जाती है जबकि उनकी पार्टी के पास इतनी सदस्य संख्या नहीं होती है कि उन्हें पहली पंक्ति में सीट दी जा सके.

31 जुलाई को 17वी लोक सभा की सीटें स्पीकर ओम बिरला ने आवंटित की जिसमें पहली कतार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ राजनाथ सिंह, अमित शाह, नितिन गडकरी, डीवी सदानंद गौड़ा, नरेंद्र सिंह तोमर, रविशंकर प्रसाद, स्मृति ईरानी, रमेश पोखरियाल निशंक व कई अन्य वरिष्ठ मंत्री बैठेंगे और केंद्रीय मंत्री हर्षव‌र्द्धन, महेंद्रनाथ पांडेय, गिरिराज सिंह, गजेंद्र सिंह शेखावत प्रधानमंत्री के पीछे वाली कतार में बैठेंगे. विपक्ष की पहली कतार में मुलायम सिंह यादव, सोनिया गांधी, सुदीप बंदोपाध्याय और माहताब जैसे नेता दिखाई देंगे. राहुल गांधी, अखिलेश यादव, फारूख अब्दुल्ला, सुप्रिया सुले, कनीमोझी दूसरी कतार में बैठे नजर आएंगे.

the panchayat

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