Bihar : Dashrath Manjhi के परिजन केतन मेहता और आमिर खान से परेशान

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वायदे करना और उसे भूल जाना इंसान की फितरत है. इसका बेस्ट उदाहरण राजनीति में देख सकते है. लेकिन ये जो मामला है वो राजनीति से नहीं बल्कि फ़िल्मी जगत के गलियारों से है.

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मांझी द माउंटेन मैन / फ़ोटो : यूट्यूब

जी, बिहार के गेहलोर गाँव के दशरथ मांझी के जीवन के ऊपर एक मूवी ‘मांझी द माउंटेन मैन’ बनी थी, जिसके निर्देशक केतन मेहता है और मूवी 21 अगस्त 2015 को चार सौ सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी. मूवी ने अच्छा ख़ासा पैसा कमाया, लेकिन मांझी के परिजनों को इसका कोई लाभ नहीं पहुंचा.

मामला क्या है?

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निर्देशक केतन मेहता /फ़ोटो : इंडियनएक्स्प्रेस

फिल्म प्रमोशन के लिए फिल्म से जुड़ी एक टीम 17 अगस्त 2015 को गेहलोर गाँव में पहुंची थी. वहां मीडियाकर्मियों के सामने केतन मेहता ने कहा था कि फ़िल्म के बिजनेस का 2 प्रतिशत रॉयल्टी के रूप में मांझी के परिजन को दिया जाएगा. लेकिन ये वायदा जमीनी हकीकत तक नहीं पहुँच पाया. दशरथ मांझी के बेटे भागीरथ मांझी को अब तक कोई भी रॉयल्टी नहीं मिली है. जो चेक दिये थे वो बाउन्स हो गए जिसकी वजह से उन्हे कोर्ट-कचहरी के चक्कर लगाने पड़ गए. जिसकी वजह से परिजन काफी परेशान है. आपकी जानकारी के लिए बता दूँ कि मांझी द माउंटेन मैन ने बॉक्स ऑफिस पर कुल 18 करोड़ का कलेक्शन किया है.

परिजन को दिये गए फोन नंबर स्विचड ऑफ

जब प्रोडक्शन टीम गेलहोर गाँव पहुंची थी तब परिजन को 3 मोबाइल नंबर दिये गए थे जिन पर आज तक बात ही नहीं हो पायी है. भागीरथ मांझी के दामाद मिथुन मांझी ने बताया कि 21 अगस्त तक एक नंबर पर बात हुई लेकिन फिर फोन स्वीच ऑफ बताने लगा. आगे कहा कि अब वे लोग इसे भूल चुके हैं और बाबा के नाम पर सिर्फ कमाई में जुटे हैं.

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फ़ोटो : रायजिंगकश्मीर

गेहलोर में फिल्म प्रोमोशन के वक्त दशरथ के बेटे भागीरथ मांझी को दो लाख का चेक प्रोडक्शन की तरफ से दिया गया था जबकि गेहलोर से 36 किलोमीटर की दूरी पर दशरथ मांझी ट्रस्ट को 5 लाख 32 हजार 166 रुपए का चेक दिया गया. उस समय गेहलोर के ग्रामीण व परिजनों ने इसपर नाराजगी भी जाहिर की थी.

आमिर भी भूल गए अपनी बात

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आमिर ख़ान मांझी के परिजनो को सामग्री देते हुये / फ़ोटो : आजतक

भागीरथ मांझी ने बताया कि आमिर खान की तरह ये लोग भी जाकर सो गए, काम निकल गया तो अब किसी को उनके परिवार से क्या मतलब है. 25 फरवरी 2014 को आमिर खान अपने टीवी शो सत्यमेव जयते के चलते गेहलोर गए थे. उन्होंने माउंटेन मैन की समाधि स्थल पर ही उनके परिजनों से मुलाकात कर मदद का भरोसा दिया था. जो एक ढकोसला साबित हुया.

अब देखना ये है कि आमिर ख़ान और केतन मेहता दशरथ मांझी के परिजनो को मदद करते है या नहीं.

the panchayat

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