दिग्विजय सिंह को हो रही है कश्मीर की चिंता, मोदी को दी सलाह

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जबसे मोदी सरकार ने अनुछेद 370 और 35a को जताया तब से ही कांग्रेस के नेता अलग-अलग तरह के बयां दे रहे हैं। कुछ नेता सरकार के इस फैसले के हित में हैं तो वही कुछ लोग ऐसे भी हैं जो लगातार इस के खिलाफ बयान दिए जा रहे हैं। 370 को हटाए हुए लगभग एक सप्ताह हो गया है। लेकिन अब भी देश के नेता इस फैसले को सही या गलत बताने में लगे हुए हैं। ऐसे में कांग्रेस के नेता दिग्विजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोवाल पर निशाना साधते हुए ये बयान दिया है कि कश्मीर की समस्यांओं का जल्द ही समाधान करना होगा वरना कश्मीर हमारे हाथों से निकल जायेगा।

दिग्विजय सिंह का ये कहना है कि उन्होंने पहले ही कहा था कि अगर कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटेगा तो उसके गंभीर परिणाम होंगे और आज वो देखने को भी मिल रहा है। उनका कहना ये भी है कि प्रधानमंत्री ने अपने हाथ आग में झुलसा लिए हैं। ऐसे में कश्मीर को बचाना हमारी प्राथमिकता है। दिग्विजय सिंह ने इसी दौरान मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को भी आड़े हाथों ले लिया। दरअसल शिवराज सिंह ने अनुच्छेद 370 के मुद्दे की बात करते हुए कहा था कि जिस वक़्त भारतीय सेना कश्मीर से पाकिस्तानी कबाइलियों को खदेड़ते हुए आगे बढ़ रही थी उसी वक़्त जवाहर लाल नेहरू ने युद्ध विराम की घोषणा कर दी थी जिसकी वजह से जम्मू-कश्मीर का एक तिहाई हिस्सा पाकिस्तान के कब्ज़े में रह गया। उन्होंने कहा कि अगर कुछ दिन और सीज़फायर की घोषणा नहीं करते तो आज पूरा कश्मीर हमारा होता। शिवराज के इसी बयान के जवाब में दिग्विजय सिंह ने कहा कि शिवराज सिंह जवाहर लाल नेहरू के कदमों की धूल के बराबर भी नहीं हैं।

आपको बता दें कि दिग्विजय सिंह एक अकेले ऐसे कांग्रेस नेता नहीं हैं जिन्होंने कश्मीर के मुद्दे पर विवादित बयान दिया है। पूर्व केंद्र मंत्री और कांग्रेस के नेता पी चिदंबरम ने भी चेन्नई में इस मुद्दे पर कुछ ऐसा कहा जो कि लोगों में आक्रोश फैला सकता है। पी चिदंबरम ने रविवार को कहा कि अगर कश्मीर में हिन्दुओं की तादात ज़्यादा होती तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 370 को हाथ भी नहीं लगाते लेकिन क्योकि जम्मू-कश्मीर एक मुस्लिम राज्य है इसलिए इसलिए नरेंद्र मोदी ने अनुच्छेद 370 को वह से हटा दिया है।

जबसे अनुछेद 370 को हटाया गया तब से कांग्रेस के नेता अलग अलग बयान दे रहे हैं। पिछले कुछ दिनों में हमने कांग्रेस के कुछ नेता ऐसे भी देखे हैं जो सरकार के फैसले के साथ हैं और सरकार का समर्थन कर रहे हैं लेकिन वहीं दिग्विजय सिंह, पी चिदंबरम और ग़ुलाम नबी आज़ाद जैसे नेता भी हैं जो इसका विरोध कर रहे हैं। संसद से लेकर मीडिया तक ये नेता इसी तरह सरकार के फैसले का विरोध करते जा रहे हैं। कांग्रेस के ही नेता हैं अधीर रंजन चौधरी जिन्होंने लोकसभा में इस फैसले का जम कर विरोध किया था जिसके बाद गृह मंत्री अमित शाह भड़क गए थे और कहा था कि पीओके हमरा है और इसके लिए हम जान भी दे सकते हैं।

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