‘सेवा’ का ऐसा शौक, मरीज को जबरन उठाकर फल देने लगे बीजेपी विधायक, फोटो भी खिंचवाई

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bjp mla

हम तो बस कहते रह गए कि राजनेता सोच समझ कर बयान दिया करे. लेकिन ये क्या देखने को मिल गया. बयान तो छोड़िए जनाब ये तो इस कद्र नीचे गिर गए. मरीजो के साथ ऐसा कौन करता है भई….. मान ना मान मैं तेरा मेहमान के तर्ज पर पहुँच गए ये जनाब अपनी टोली लिए. फिर जो हुया वो कैद हो गया कैमरे में. और जो कैद हुया उस पर हो गई तीखी कमेंटबाजी. चलो आपको भी बता ही देते है कि मैं आखिर क्या कहना चाह रहा हूँ.

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वीडियो में से स्क्रीनशॉट लिया गया है.

देश की माया नगरी मुंबई, नाम तो सबने सुना ही होगा. गणेश विसर्जन डांस हो या बॉलीवुड इस शहर ने बहुत नाम कमाया है. इस शहर के राज्य महाराष्ट्र में भाजपा-शिवसेना की सरकार है. वहाँ से एक खबर आई है कि भाजपा के मुंबई इकाई के प्रमुख और व्यापारी प्रभात लोढ़ा(Mangal Prabhat Lodha) और पार्टी के विधायक आर तमिल सेल्वन(R Tamil Selvan) एक अस्पताल में जाकर अपने कार्यकर्ताओं के साथ मरीज़ो को फ्रूट दे रहे थे. आप कहेंगे ये तो अच्छा काम है इसमें इन्होने क्या गलत कर दिया, जिसका बखान करने आ गए. अरे!!! थोड़ा रुकिए तो जनाब. कहानी का मजा पूरा लीजिये. ट्रेलर देख कर खुश ना हो. दरअसल, प्रभात लोढ़ा और आर तमिल सेल्वन सो रहे मरीज़ो को उठा-उठा कर फ्रूट्स दे रहे थे और साथ में ज़बरदस्ती फोटो खिंचवाने के लिए कह रहे थे. ये पूरा नज़ारा कैमरे में कैद हो गया और वायरल भी हो गया.

टाइम्स नाऊ न्यूज एजेंसी ने अपने ट्विटर अकाउंट से एक वीडियो पोस्ट किया जिसमें साफ तौर पर देखा जा सकता है विधायक आर तमिल सेल्वन एक बच्चे को नींद से जगा कर उसे उठाते है और कहते है कि कैमरे की तरफ अपना मुंह करो. जब कैमरे की तरफ बच्चा अपना मुंह करता है तब उसको अपने साथ लाये फ्रूट्स को देते है. आगे देखने को मिलता है कि एक्सिडेंट में घायल महिला के पास जाकर उन्हे उठा कर फ्रूट्स वितरित करते है.

वीडियो अपलोड होने के बाद लोगो की तीखी प्रतिक्रिया सामने आई. उनमें से कुछ कमेन्ट आपको बताता हूँ.

srivaa tweet

श्रीवा लिखते है इनको विधायक पद से हटा देना चाहिए.

kailash chattarjee tweet

कैलाश चटर्जी गुस्सा जाहिर करते हुये लिखते है क्रेडिट लेने के भूखे नेताजी

jagdish kumar tweet

आर जगदीश कुमार लिखते है ये ढोंगी, अगले आने वाले चुनाव में राजनीति के बाहर होगा.

lekha manohar tweet

लेखा मनोहर लिखती है ये नेता लोग बीमार हो गए है.

और भी कुछ कमेन्ट थे लेकिन जिम्मेदार संस्थान होने के नाते आपको दिखा नहीं सकते है. माना कि आगामी चुनाव का प्रेशर है लेकिन इस तरीके से मदद करने से वोट नहीं गाली मिलेगी. थोड़ा सा दिमाग लगा देते तो जग हँसाई से बच सकते थे.

the panchayat

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