अमूल ब्रांड ला रहा है ग्रामीण क्षेत्रों में अपने प्रोडक्टस के छोटे-छोटे पैकेट्स

1109
amul banner

जहाँ एक ओर मंदी का असर देश के सभी उद्योगों पर साफ तौर पर नजर आ रहा है वहाँ दूसरी तरफ़ गुजरात से इस मंदी के दौर में अच्छी खबर आई है. गुजरात कोऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन(Gujarat Cooperative Milk Marketing Federation) नाम की कंपनी अपने प्रोडक्टस को छोटे-छोटे पैकेट में लाने की सोच रही है. आइये जानते है ये कंपनी क्या करने वाली है.

amul banner
अमूल लोगो / फ़ोटो : mbarendezvous

अमूल ब्रांड(Amul Brand) के नाम से डेयरी के प्रोडक्टस(Products) बेचने वाली कंपनी का नाम गुजरात कोऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन है. ये कंपनी गुजरात के आणंद(Anand) शहर में स्थित है और ग्रामीण भारत में अपनी मौजूदगी दर्ज कराने के लिए नई योजना के साथ मैदान में उतरने की रणनीति बना रही है. कंपनी की योजना अपने मिल्क प्रोडक्ट्स को छोटी-छोटी पैकिंग में उपलब्ध करा कर लोगों के बीच अधिक से अधिक अपनी पैठ बनाने की है. ग्रामीण क्षेत्र की मांग को देखते हुए कंपनी 20 रुपये और 10 रुपये और इससे भी कम मूल्य के पैक में दूध, घी और अन्य सामान बेचने की योजना पर काम कर रही है.

amul products
अमूल के प्रोडक्टस / फ़ोटो : indiatimes

देश के सबसे बड़े डेयरी(Diary) ब्रांड के प्रोडक्ट लगभग सभी बड़े शहरों और कस्बों में उपलब्ध है, लेकिन ग्रामीण इलाकों में अमूल की इतनी पहुँच नहीं है. हालांकि कस्टमर की डिमांड गाँव से ज्यादा आने से अब अमूल गांवो के हिसाब अपने प्रोडक्ट्स की पैकिंग करना शुरू करेगा. बिजनेस स्टैंडर्ड की खबर के अनुसार गुजरात कोऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन के मैनेजिंग डायरेक्टर आरएस सोढी ने कहा कि भारत में गाँव एक बड़ा बाजार है. कंपनी के यूनिक क्वालिटी और टेस्ट की वजह से उनके प्रोडक्ट ग्रामीण क्षेत्र के कस्टमर्स में बहुत ज्यादा लोकप्रिय होंगे. आपको बता दूँ कि ग्रामीण भारत के कस्टमर्स की मार्केट में एक बड़ी हिस्सेदारी है. क्योंकि ज़्यादातर लोग गाँव में रहते है.

इसलिए अमूल इस मांग को पूरा करने के लिए छोटे पैक उतारने की योजना बना रही है. सोढी ने कहा कि नए लॉन्च होने वाले पैक अमूल के लिए गेम चेंजर साबित होंगे. अमूल अभी शहर और कस्बों में दही और घी जैसे प्रोडक्ट को एक लीटर और आधा लीटर के पैक में बेचती है, और ग्रामीण उपभोक्ताओं में 20 रुपये के पैक वाले प्रोडक्ट की बहुत ज्यादा डिमांड रहती है.

Amul logo
अमूल का लोगो / फ़ोटो : wikipedia

अमूल की तरफ से हाल ही में कई वैल्यू एडेड प्रोडक्ट जैसे फ्लेवर्ड मिल्क, चॉकलेट, फ्रूट बेस्ड अमूल ट्री, कैमल मिल्क और कुल्फी की पूरी रेंज से पेश की गई है. इससे कंपनी का रेवेन्यू काफी बढ़ा है. अमूल फेडरेशन की क्षमता करीब 3.5 करोड़ लीटर दूध को प्रोसेस्ड करने की है. कंपनी के पास गुजरात के 18700 गांवों के 36 लाख से अधिक किसान रजिस्टर्ड हैं. कंपनी इन किसानों से रोजाना करीब 2.3 करोड़ लीटर दूध खरीदती है और अपने प्रोडक्ट्स बनाती है.

गुजरात कोऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन ने पिछले कुछ सालों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की है. कंपनी दूध और दूध से बने प्रोडक्ट वित्त वर्ष 2018-19 में 13 फीसदी की बढ़ोतरी की थी. उस दौरान कंपनी का टर्नओवर 33150 करोड़ रुपये था. कंपनी को अपने पाउच वाले दूध से सबसे अधिक टर्नओवर हासिल होता है और यही उसका यूएसपी है. मतलब कि ये कंपनी के तुर्रम का इक्का है.

the panchayat

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here