यूएन के बाद अब चीन ने भी छोड़ा पाकिस्तान का साथ

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FM Wang Yi welcomes EAM Dr S Jaishankar at Diaoyutai State Guesthouse.
Photo : Twitter

जम्मू-कश्मीर [ Jammu and Kashmir ] के मसले पर पाकिस्तान [ Pakistan ] पूरी कोशिश कर रहा है कि उसे किसी भी बड़े देश का समर्थन मिले और वो भारत पर दबाव डाले लेकिन पाकिस्तान के लिए ऐसा मुमकिन नहीं हो रहा है। यूएन के दरवाज़े पर गुहार लगाने वाले पाकिस्तान को वहां भी मुँह की खानी पड़ी बस इतना ही नहीं पाकिस्तान जहां-जहां गया वही उसके सामने मदद दरवाज़े बंद होते दिखे। ऐसे में खुल कर सामने न वाले चीन ने भी बयान दे कर साफ़ कर दिया है कि वो आखिर किस देश का समर्थन कर रहा है।

FM Wang Yi welcomes EAM  Dr S Jaishankar  at Diaoyutai State Guesthouse.
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चलिए आपको बताते हैं कि जम्मू-कश्मीर के मुद्दे को लेकर हो रहे विवाद पर आखिर चीन ने किस का साथ दिया है। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर तीन दिन के चीनी दौरे पर हैं। इस दौरान उन्होने चीन के विदेश मंत्री वांग यी और उपराष्ट्रपति वांग किशान से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान दोनों पक्षों के बीच जम्मू-कश्मीर मुद्दे पर बात-चीत भी हुई। अनुच्छेद 370 के विवाद पर चीन ने जब भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर से बात की तो एस जयशंकर ने उसे आंतरिक मुद्दा कह कर चीन के सामने बात साफ़ करदी। जयशंकर ने कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का हिस्सा है इसलिए भारत सरकार के पास अपने देश के किसी भी राज्य के प्रावधानों को ज़रूरत अनुसार बदलने का अधिकार है। मुद्दे पर आगे बात हुई तो चीन ने बयान पर कहा है कि द्विपक्षीय मतभेद को किसी भी प्रकार के विवाद का कारण नहीं बनना चाहिए। साथ ही चीन ने भारत से सकारात्मक प्रयास करने की भी उम्मीद की है।

पाकिस्तान को चीन से क्या मिला ?

आपको बता दें कि इतने समय से अनुच्छेद 370 को लेकर चीन की इस पर कुछ खास प्रतिक्रिया देखने को नहीं मिल रही थी लेकिन एस जयशंकर के चीनी दौरे के बाद चीन ने अपना पक्ष साफ़ किया है। भारत के 370 को हटाने के फैसले से पाकिस्तान तिलमिलाया हुआ है, ऐसे में पाकिस्तान चीन के समर्थन की उम्मीद कर रहा था लेकिन अब उसे अपने हाथों से चीन का समर्थन भी जाता दिख रहा है। आपको बता दें कि कुछ दिन पहले ही पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी चीन दौरे पर गए थे, अब ज़ाहिर सी बात है कि पाकिस्तान को चीन से समर्थन की उम्मीद होगी लेकिन चीन ने मामले को शांति से निपटाने के लिए कह कर पाकिस्तान को कड़ा झटका दिया है।

जहाँ एक तरफ पाकिस्तान समर्थन के लिए सभी बड़े देशों के दरवाज़े खटखटा रहा है वही दूसरी तरफ भारत भी पीछे नहीं है। भारत लगातार बड़े देशों के संपर्क में है और जम्मू-कश्मीर के मुद्दे को लेकर उनसे बात कर रहा है साथ ही ये भी समझाने में लगा हुआ है कि ये भारत का आंतरिक मामला है। इन सब के बीच भारत को चीन से बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। पाकिस्तान के सबसे बड़े साथी चीन ने भी अब इस मुद्दे को शान्ति से सुलझाने की सलाह दे दी है और दोनों देशों के बीच में आने से मना कर दिया है। अब देखना ये है कि जम्मू-कश्मीर के इस आंतरिक मुद्दे में क्या कोई भी देश पकिस्तान का समर्थन करेगा या पाकिस्तान इसी तरह से सभी बड़े देशों के सामने समर्थन की भीख मांगता रह जायेगा।

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