भोपाल का एक शख़्स बेजुबान जानवर से लेकर लाचार इंसान का रखता है ख़ास ख़्याल

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किसी की मदद करने के लिए कोरे ढकोसले देने की बजाय दिल की सुननी होती है. अगर दिल ने कह दिया कि मदद करनी है तो मतलब करनी है. वो मदद नि:स्वार्थ मदद कहलाती है और जो इंसान दिमाग से सोच समझ कर मदद करते है उसे स्वार्थ वाली मदद कहते है. आज का किस्सा नि:स्वार्थ भाव से मदद करने वाले शख़्स की है.

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अयान खान मानव सेवा करते हुये / फ़ोटो : thebetterindia

मध्य प्रदेश के भोपाल शहर मे रहते है अयान खान. अयान की एक बात पूरे शहर से अलग बनाती है. अलग कैसे बनाती है? अलग ऐसे बनाती है क्योंकि अयान बेजुबान जानवरों से लेकर सड़क किनारे बैठे भिखारियों की मदद करने से कभी हिचकते नहीं है. अयान पिछले कई सालों से जरूरतमन्द और बेसहारा लोगों की मदद करते आ रहे है. मानवता का सही धर्म अयान ही निभा रहे है.

अभी भोपाल में बारिश ने रिकॉर्ड प्रदर्शन दिया है. जिनके पास सारी सुविधा है वो तो बारिश का आनंद ले रहे थे, लेकिन कभी आपने सोचा कि फुटपाथ पर बैठे लोग कैसी समस्या से गुजर रहे होंगे? अयान का मानना है कि मदद करने के लिए सोच विचार ना करें, अगर मदद करनी है तो आप कैसे भी करके उसकी मदद करोगे. अगर नहीं करनी होगी तो बहाने मार कर निकाल जाओगे.

पेशे से ठेकेदार अयान ने इस बारिश सीजन में जरूरतमंदों को रेनकोट बांटें. अयान मौसम और ज़रुरत के हिसाब से बेसहारा लोगों की मदद करते रहते हैं. जैसे सर्दियों में वे गर्म कपड़े बांटते है और गर्मियों में चप्पल ताकि सड़कों पर किसी को नंगे पैर न चलना पड़े.

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जरूरतमन्द लोगों की मदद की / फ़ोटो : thebetterindia

अयान से जब पूछा गया कि उन्हे गरीबों की मदद करने का आइडिया कैसे आया? उसके जवाब में बोलते है कि कुछ साल पहले जब वो ठिठुरती रात में किसी काम के सिलसिले में बाहर निकले थे. तो रास्ते में देखा कि फुटपाथ पर कुछ लोग बिना किसी गर्म कपड़े के बैठे हैं. ये देख कर उनके दिमाग ने काम करना बंद कर दिया. जब वे जैकेट पहने हुये है तब भी ठंड लग रही है तो उनका क्या हाल हो रहा होगा. बस उसी समय अयान वापस मुड़े और रज़ाई सहित गर्म कपड़े लाकर उन जरूरतमन्द लोगो को दिये. तब से जो शुरुआत हुयी थी वो आज तक चली आ रही है.

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मेडिकल सर्विस देते हुये / फ़ोटो : thebetterindia

अयान केवल कपड़े बांटने तक ही सीमित नहीं है, वे अपने से जितनी हो सके उतनी मदद करने को हरदम तैयार रहते है. अयान गरीब या भिखारी को साफ-सुथरे रखने में भी मदद करते है. उनका मानना है कि गंदगी से ही बीमारियाँ पैदा होती है, इसलिए वो साफ रहेंगे तो बीमारी लगने के चांस तो कम होंगे. एक दिन गरीबों को कपड़े बांटते-बांटते उनकी नज़र एक ऐसे शख्स पर गई जो सबसे दूर अकेले बैठे थे. जब वे उनके पास गए तो समझ आया कि बाकी लोग उनसे दूर क्यों हैं. उनके पैर में घाव था, शरीर से बदबू आ रही थी. अयान ने उनसे पूछा कि आपके बाल काट दूं, तो वह झट से तैयार हो गए. अयान ने उनका सिर शेव किया, घाव पर दवा लगाई और साफ़ कपड़े दिए.

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बाल कटवाते हुये / फ़ोटो : thebetterindia

इसके बाद से अयान ना जाने ऐसे कितने बदबूदार इंसान को नहला कर, साफ कपड़े पहनने को दिये होंगे. इंसानों के साथ-साथ अयान बेजुबानों के भी हीरो हैं. वह अब तक अनगिनत जानवरों की जिंदगी बचा चुके हैं. जिसमें आवारा कुत्तों, गायों से लेकर सूअर तक शामिल हैं. अयान मुस्लिम समुदाय से आते हैं जहां ‘सूअर’ जैसे पशुओं को नापाक माना जाता है. इस पर अयान का कहना है कि जब आप समाज की सोच के विपरीत कुछ करते हैं, तो परेशानियां आती हैं फिर भले ही आपका इरादा कितना भी नेक क्यों न हो. हालांकि, उनकी कोशिश रहती है कि वे लोगों को समझा सके कि हर धर्म बेजुबानों पर दया की सीख देता है. इसलिए वे जो कुछ कर रहा है उसे किसी भी नज़रिए से गलत नहीं कहा जा सकता है.

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अयान जानवरों की मदद करते हुये / फ़ोटो : thebetterindia

अयान ने पूरे भोपाल में अपनी एक अलग पहचान बना ली है. ‘घर के हीरो’ से ‘भोपाल के हीरो’ बनने का सफर अयान के लिए इतना आसान नहीं था. इंसान से लेकर बेजुबान तक यदि किसी को मदद की दरकार होती है, तो सबसे पहला कॉल अयान को ही जाता है. दिन भर में उन्हें एनिमल इमरजेंसी से जुड़े 4-5 कॉल आ ही जाते हैं.

अयान एयरपोर्ट रोड इलाके में रहते हैं, जो कि मुख्य शहर से काफी दूर है. ऐसे में काम के साथ-साथ समाज सेवा के लिए वक़्त निकालना उनके लिए मुश्किल भी होता है. लेकिन उनके लिए दोनों ही ज़रुरी है इसलिए मैनेज कर लेते है. उनके घर से मेन सिटी का रास्ता 18 किमी है और रोज वहाँ 3-4 चक्कर हो ही जाते है.

जानवरों के इलाज से लेकर गरीब-बेसहारा लोगों की मदद तक का खर्चा अयान खुद ही उठाते है. वह अपनी कमाई का एक हिस्सा सोशल वर्क के लिए अलग से निकाल देते हैं फिर ज़रूरत के हिसाब से उन्हें खर्च करते रहते है. अयान खुद को खुशकिस्मत मानते हैं कि उन्हें अपने इस अभियान में परिवार वालों का साथ मिला है, लेकिन उनकी एक शिकायत हमेशा रहती है कि वे उन्हें पर्याप्त समय नहीं दे पाते है. अयान को अपने इन नेक कामों के लिए कई बार सम्मानित भी किया जा चुका है.

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मदद करते हुये अयान / फ़ोटो : thebetterindia

जिन गरीब, बेसहारा लोगों को देखने के बाद भी हम उनकी मदद नहीं कर पाते है, ऐसे में अयान का इस तरह सेवा भाव से काम करना किसी प्रेरणा से कम नहीं है. वाकई अयान जैसे लोग हम सबके लिए एक मिसाल है. द पंचायत अयान खान को सलाम करती है.

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